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क्या AMH कम होने से गर्भधारण करने में हो सकती है मुश्किल?

बहुत सी महिलाएं AMH के बारे में नहीं जानती सिवाय उनके जिनका कहीं पर गर्भधारण के लिए इलाज़ चल रहा होता है |AMH एक हॉर्मोन है जो फोलिकल्स(FOLLICLES) द्वारा एक महिला के अंडाशय में उत्पन्न होता है | हर एक महिला जन्म से ही एक सीमित मात्रा में लगभग 20 लाख से अधिक अण्डों के साथ पैदा होती है | माहवारी शुरू होने के समय इनकी मात्रा और घटके लगभग 4 लाख हो जाती है और जैसे जैसे उम्र बढ़ती है वैसे ही अण्डों की संख्या भी कम होती रहती है |

एक महिला के पूरे जीवन में लगभग ४०० अंडे अंडाशय से निकलते हैं और बाकी सब खराब हो जाते हैं |

पुरुष और महिला में यही फर्क होता हे कि पुरुष में उम्र के साथ शुक्राणु कम नहीं होते, अगर उनके शुक्राणु पहले से ही सही मात्रा में हैं, पर महिलाओं में ऐसा नहीं होता उनकी बढ़ती उम्र के साथ न सिर्फ अण्डों की संख्या बल्कि उनकी गुणवत्ता भी समाप्त हो जाती है, इसलिए हर महिला जब भी गर्भधारण करने के लिए प्रयास कर रही है उन्हें AMH के बारे में पता होना जरुरी है |

AMH हमे बचे हुए अंडो के बारे में और महिला की प्रजनन क्षमता के बारे में बताता है/ जिसके अनुसार ये निर्णय लिया जा सकता हे, कि इलाज की गति क्या होनी चाहिए और कौनसे इलाज़ की आवश्यकता है | AMH की नार्मल मात्र 2.5ng/ml से 6.0ng/ml होती है | AMH का लेवल अगर 1.5ng/ml से भी कम होता है ,तो इससे पता चलता है कि अण्डों की मात्रा कम है और अगर AMH का लेवल 4ng/ml से ज्यादा है, तो इससे पता चलता हे की अंडाशय में काफी ज्यादा फोलिकल्स(FOLLICLES) है जिसे PCOD कहा जाता है |

हर महिला का AMH लेवल कम हो सकता है, उसकी उम्र के अनुसार.जैसे कि देखा जा सकता है कि एक 25 साल की महिला का AMH लेवल और 40 साल की महिला के AMH लेवल में अंतर पाया जाता है | जरुरी नहीं होता कि कम उम्र की महिला में हमेशा AMH लेवल नॉर्मल मात्रा में ही पाया जाये | कई बार ऐसा होता कि कम उम्र में भी AMH लेवल नॉर्मल मात्रा से बहुत कम होता है जिसे PREMATURE OVARIAN INSUFFICIENCY) कहा जाता है |

इस तरह दोनों ही महिलाओं में जहाँ पर AMH लेवल कम होता है जैसे कि (PREMATURE OVARIAN INSUFFICIENCY) और ज्यादा AMH लेवल (PCOS) के CASE में गर्भधारण की समस्या हो सकती है |

AMH के साथ एक और जांच की जा सकती है जिससे हमें महिलाओं के अंडाशय में कितने फोलिकल्स है इसका पता चल सकता है जिसे TVS USG कहा जाता है, जिसमे महीने के दूसरे या तीसरे दिन USG करके देखा जाता है कितने ANTRAL फोलिकल्स(ANTRAL FOLLICLES) हैं |

मेडिकल साइंस के अनुसार ये पाया गया हे, की 35 साल से अधिक उम्र की महिला के अण्डों से उत्प्पन बच्चों में ——

क्रोमोसोमल अब्नोर्मलिटी(CHROMOSOMAL ABNORMALITY) डाउन सिंड्रोम(DOWN SYNDROME) आदि होने की संभावना ज्यादा होती है |
इसलिए अगर आपको पता चलता है कि आपका AMH लेवल कम हो रहा हे ,तो शीघ्र ही INFERTILITY स्पेशलिस्ट को संपर्क करना चाहिए भले ही आपकी शादी को कम साल हुए हो या फिर आपकी उम्र कम हो |

अधिक उम्र की महिलाएं जिनमें AMH लेवल कम होने के साथ साथ IVF से भी असफलता प्राप्त हुई हो उन्हें डोनर एग IVF की जरुरत पड़ सकती है |

डोनर एग IVF(DONOR EGG IVF) बड़ा ही आसान इलाज होता हे, जिसमे महिला से मिलती जुलती एक महिला के अंडे लिए जाते हैं | ये महिला आर्ट बैंक (ART BANK) द्वारा भेजी जाती हैं ,जिन्हे पूरी तरह से IVF कंसलटेंट(CONSULTANT) द्वारा स्क्रीन किया जाता है |

AMH लेवल कम होने का मतलब ये नही होता कि आप माँ नही बन सकती पर ये एक जांच है जिससे कि ये पता चलता हे कि गर्भधारण न होने की समस्या तो उत्पन्न नहीं होगी! बहुत सी महिलाओं में प्रजनन क्षमता का कम होना और लगातार गर्भधारण का प्रयास करने के बाद भी विफल होना इस बात का संकेतक है कि उन्हें किसी अच्छे IVF स्पेशलिस्ट को संपर्क करना चाहिए|

कम AMH लेवल अकेले ही निसंतानता होने का कारण नहीं माना जा सकता | इसके अल्वा भी बहुत सी जांचे होती हैं महिला और पुरुष की जिससे आगे होने वाले इलाज का निर्णय लिया जाता है |

अगर आप भी अपने कम या ज्यादा AMH लेवल से परेशान हैं तो हमारे ORIGYN IVF CENTRE के फर्टिलिटी स्पेशलिस्ट आपकी मदद के लिए हमेशा तत्पर हैं |

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